उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी और कन्नौज लोकसभा सीट से सपा उम्मीदवार डिंपल यादव का सांसद बनना लगभग तय माना जा रहा है। कांग्रेस के बाद अब बसपा ने भी साफ किया है कि वह कन्नौज से प्रत्याशी नहीं उतारेगी। यानि संसद रास्ता बिलकुल साफ़ हो गया है ।
बसपा का मानना है कि सपा के विकास के दावे की पोल खोलने के लिए पार्टी लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं उतार रही है। इधर भाजपा उम्मीदवार जगदेव सिंह यादव नामांकन दाखिल करने में असफल रहे।
कांग्रेस ने पहले ही ऐलान कर रखा है कि वे कन्नौज सीट से अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। इससे पहले भाजपा ने कहा था कि वह नगर निकाय चुनाव में अपनी पूरी ताकत लगाना चाहती है इसलिए कन्नौज लोकसभा और मथुरा के मांट विधानसभा सीट पर प्रत्याशी नहीं उतारेगी।
कांग्रेस ने सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के साथ यूपीए सरकार के अच्छे रिश्ते के कारण पहले ही प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला किया था। पार्टी का कहना है कि लोकसभा के 2009 के चुनाव में भी कन्नौज सीट से अखिलेश यादव के खिलाफ कांग्रेस का कोई प्रत्याशी नहीं था।
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